एक 'चक्ववेण' नामके धर्मात्मा राजा थे। राजा और रानी दोनों खेती करते थे और खेती से जितना उपार्जन हो जाय, उससे अपना निर्वाह करते थे। राज्…
Read more »महर्षि अत्रि की पतिव्रता पत्नी अनसूया के गर्भ से भगवान् विष्णु ने दत्तात्रेय के रूप में अवतार ग्रहण किया था। अत्रि एवं अनसूया की तपस्या से प्रस…
Read more »सहस्रार्जुन हैहयराज कृतवीर्य के पुत्र थे। इनका मुख्य नाम तो अर्जुन था लेकिन हजार भुजाएँ होने के कारण इन्हें सहस्रार्जुन नाम से जाना जाता है। अपन…
Read more »प्रतिष्ठानपुर में एक कौशिक नामक ब्राह्मण था‚ जो पूर्वजन्म में किये पापों से कोढ से व्याकुल रहने लगा। ऐसे रोग से युक्त होने पर भी उसे उसकी पत्नी…
Read more »जब देवर्षि नारद राजकुमारी विश्वमोहिनी से विवाह की इच्छा रखते हुए विष्णु भगवान् से उन्हीं के जैसे रूप की याचना करते है तो भगवान् कौतुक करते हुए उ…
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